परिवर्तन वक्त का मिजाज होता है,
यह हर सम्बन्ध का हमराज होता है।
जहाँ को देता है मीठी सुर लहरी,
जब अंतस् से दर्दीला साज होता है।
मन को लुभाता है तितली-सा बहकना,
पर उसूलों से बंधा बाज होता है।
सहता है नदी का वियोग वो हर पल,
उस पर्वत की अडिगता पर नाज होता है।
तोङने में हार है, प्रेम के पथिक की,
जोङना ही जीत का आगाज होता है।